150 हिन्दू परिवारों का मुस्लिमों ने चारों तरफ से बंद कर दिया है रास्ता, जाने हिंदुस्तान मे कहां?
पूर्णिया बिहार।।बीजेपी के सहयोग से सरकार चला रहे सुशासन बाबू नीतीश कुमार के राज मे वावजूद लगभग 150 हिन्दू परिवारों को अपने घर जाना भारत पाकिस्तान की सीमा पार करने जैसा टास्क हो गया है।मुस्लिम पक्ष द्वारा करीब डेढ़ सौ हिंदू परिवार के घर तक जाने के रास्ता को बंद कर दिया गया है। इस मामले को लेकर लोगों ने एसडीएम से लेकर जिला पदाधिकारी तक गुहार लगाई है। वही यह विवाद अब धीरे धीरे राजनैतिक और धार्मिक विवाद मे बदलने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार अगर जल्द कोई निर्णय नहीं लेती है तो यह विवाद खतरनाक शक्ल भी अख्तियार कर सकता है।
लोगों का कहना है कि गांव के चारों तरफ मुस्लिम लोगों की निजी जमीन है, जिस कारण शर्मा टोली गांव तक रास्ता नहीं होने के कारण उनके बेटे-बेटियों की शादी तक नहीं हो पा रही है।
सूच्य हो कि एसडीएम कोर्ट ने हिंदू पक्ष को रास्ता देने को लेकर फैसला भी सुनाया था, लेकिन सिविल कोर्ट में उस फैसले को बदल दिया गया।
बता दे कि पूर्णिया के बायसी प्रखंड के शादीपुर भुटहा गांव के शर्मा टोली में करीब डेढ़ सौ परिवार के घर तक जाने के लिए कोई सरकारी सड़क नहीं है।वहां के लोग पिछले कई वर्षों से निजी सड़क से टोला तक जाते थे।लेकिन चारों तरफ मुस्लिम बस्ती होने और मुस्लिम का निजी जमीन होने के कारण उन लोगों ने गांव जाने का रास्ता बंद कर दिया।महज 12 डिसमिल जमीन के कारण 100 मीटर लंबा रास्ता बंद हो गया है।
मुस्लिम लोगों ने चारो तरफ से बंद कर दिया है रास्ता
कहा जाता है कि 100 हिन्दुओं के बीच अगर एक भी मुसलमान रहता है तो उसको कोई परेशानी नहीं होती है। लेकिन अगर 100 मुस्लिमों के बीच 20 हिन्दुओं का रहना मुश्किल हो जाता है। इसका जीता जगता उदाहरण शर्मा टोली है। अगर यह काम कोई बहुसंख्यक समाज के लोगों द्वारा किया गया होता तो अब तक धरना प्रदर्शन के साथ न जाने कितने पोस्ट वायरल हो गये होते। लेकिन 150 हिन्दू परिवारों का मात्र 12 डिसमिल जमीन के चलते रास्ता बंद हो गया है, लेकिन किसी को भी फर्क नहीं पड़ रहा है, चाहे वो हिंदूवादी संगठन हो, जातिवादी संगठन हो।
पीड़ित लोगों का कहना है कि उन लोगों ने जमीन मालिक को रास्ता के लिए 100,000 रुपए भी दिया था।लेकिन बाद में समाज के दबाव के कारण जमीन मालिक ने रुपया भी लौटा दिया और रास्ता भी नहीं दिया। अभी हालात यह है कि गांव तक जाने के लिए चारों तरफ से रास्ता बंद कर दिया गया है। जिस कारण उनके बेटे-बेटियों की शादी नहीं हो रही है. यहां तक की कोई अगर बीमार पड़ता है तो अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष अब पूजा पाठ और लाउडस्पीकर तक बजाने से रोकते हैं.
वहीं, इस रास्ते की मांग को लेकर शर्मा टोला के लोगों ने एसडीएम कोर्ट में फरियाद लगाई थी. एसडीएम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला भी दिया था. लेकिन बाद में सिविल कोर्ट में यह फैसला बदल गया और मुस्लिम पक्ष के फेवर में फैसला हो गया. अब लोगों ने जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार को आवेदन देकर गांव तक जाने का रास्ता की मांग की है. वहीं बायसी के एसडीएम कुमारी तौसी ने कहा कि कानून में यह लिखा है कि 100 परिवार से अधिक है तो उनका रास्ता निजी रास्ता होने पर भी नहीं रोका जा सकता है. यहां करीब डेढ़ सौ परिवार से ऊपर है, तो उसका रास्ता कोई कैसे रोक सकते हैं. इसके लिए कई बार थाना और अंचल अधिकारी को भी पत्र भेजा गया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है.
इस बाबत पूछे जाने पर शादीपुर भुटहा के मुखिया सबनूर आलम ने कहा कि कुछ लोगों की निजी जमीन होने के कारण वे लोग रास्ता नहीं दे रहे हैं, लेकिन उनलोगों को दूसरी तरफ से रास्ता देने की बात हुई थी. लेकिन शर्मा लोग दूसरे तरफ से रास्ता लेने के लिए तैयार नहीं हैं. वहीं, उन्होंने कहा की मुस्लिम पक्ष पर लाउडस्पीकर और पूजा पाठ रोकने का आरोप गलत है. कुछ लोग इसके पीछे राजनीति कर रहे हैं.
बहरहाल, शादीपुर भुटहा शर्मा टोला में रास्ता का विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है. दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. वहीं, रास्ता नहीं होने के कारण सैकड़ों परिवार के लोग परेशान हैं. बीमार लोग ना तो अस्पताल जा पाते हैं और ना ही बेटे-बेटियों की शादी हो पा रही है. यहां तक की बच्चों को स्कूल तक जाने में परेशानी होती है. ऐसे में देखना है कि जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले को कब तक हल कर पाते हैं।
कुमार प्रवीण की रिपोर्ट